अंबाला और यमुनानगर में 9 विदेशी समेत 48 लोग क्वारंटाइन

दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज से कोरोना संक्रमण देशभर में फैलने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार को हरियाणा के अंबाला और यमुनानगर से 9 विदेशी समेत उन 48 लोगों को क्वारंटाइन किया गया जिन्होंने निजामुद्दीन धार्मिक समारोह में शिरकत की थी।



अंबाला चीफ मेडिकल ऑफिसर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, कुल 36 लोगों मे से 16 भिवंडी (महाराष्ट्र), 10 तमिलनाडु, 8 नेपाल, 1 असम और श्रीलंका से है, जिन्हें जिले के अंदर कई जगहों पर क्वारंटाइन किया गया है। इनमें से नेपाल से 2, भिवंडी और श्रीलंका से 1-1 को सिविल लाइंस अस्पताल में आइसोलेट कर कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए हैं।


डिप्टी कमिश्नर अशोक कुमार शर्मा ने कहा, “ऑपरेशन अभी चल रहा है और यह पूरी रात चलेगा। उन्होंने कहा, ये सभी जिले के चार मस्जिद में ठहरे हुए थे। प्रोटोकॉल के अनुसार, इन लोगों का पता कर ढूंढा गया और उन इलाकों में सेनिटाइजेशन का काम चल रहा है।”


यमुनानगर में सभी दिल्ली के रहने वाले लोगों को पिपली मैरा गांव के एक शैक्षणिक संस्था में क्वारंटाइन किया गया है। प्रताप नगर के ब्लॉक डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर जगदीश कुमार ने बताया कि दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके से 12 लोग प्रताप नगर 29 फरवरी को आए और वे खिजरी, अंबाला, तिबदिया और नांगल गांवों के धार्मिक स्थलों का दौरा किया। इन जगहों पर घूमने के बाद वे सभी मार्च 19 को बॉम्बेपुर गांव आए और उसके बाद से वे उसी गांव की मस्जिद में ठहरे हुए थे।


निजामुद्दीन तबलीगी जमात के मरकज में शामिल हुए लोगों को लेकर तबलीगी जमात के मौलाना साद और अन्य के खिलाफ महामारी कानून 1897 के अंतर्गत केस रजिस्टर किया गया है। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने यह जानकारी दी।


इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार ने निजामुद्दीन मरकज़ मामले में FIR दर्ज़ करने के लिए उपराज्यपाल को पत्र लिखा है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई थी कि राज्यपाल इस मामले पर जल्द ही कोई आदेश जारी करेंगे। केजरीवाल ने कहा, "अगर किसी अधिकारी की ओर से कोई लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।"
 
दिल्ली में कोरोना के हालात पर केजरीवाल ने कहा, "अभी तक दिल्ली में 97 केस हैं और 97 मामलों में से 24 मामले निज़ामुद्दीन मरकज़ के हैं। 41 मामले विदेश की यात्रा करनेवालों से हैं और 22 विदेशी यात्रियों के परिवार के सदस्य हैं, जबकि 10 मामलों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।"